त्योहारों का सीजन चल रहा है, हर तरफ खरीददारी के लिए छोटे- बड़े लोग सपने संजोये बैठे है। लेकिन महंगाई डायन इन अरमानों से बिल्कुल बेखबर है। हर व़क्त जेब पर डाका डालने के लिए तैयार बैठी है। खाद्य- वस्तुओं के मूल्य लगातार महंगाई के चरम को छू रहे है। सरकार अब महंगाई के आगे बेबस नजर आ रही है। दूध, फल और सब्जियों के दाम लगातार एक बार फिर आसमान छूने लगे है।
सितम्बर के तीसरे सप्ताह में खाद्य- वस्तुओं की महंगाई दर 9.41 फीसदी को छू चुकी है ।सब्जियों के दाम जैसे-जैसे बढ़ रहे है,दालों की मांग बढ़ी है। नतीजन दाल के दामों में भी बढोत्तरी शुरू हो गयी है।
वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने एक बार फिर महंगाई की बढ़ी दर पर चिन्ता जता चुके है। वित्त मंत्री महंगाई दर को नियंत्रित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से लगातार संपर्क साधे हुए है। महंगाई को नियंत्रित करने के लिए रिजर्व बैंक पिछले वर्ष से अब तक कम से कम 12 से 13 बार ब्याज दरों में वृद्धि कर चुका है । लेकिन महंगाई के ऊपर कोई फार्मूला अभी तक फिट नही बैठ रहा है।
सरकार खाद्य- वस्तुओं की महंगाई को रोकने के लिए सभी प्रमुख जिंसों की स्टाक सीमा लगा दी है। इतने सब के बावजूद केवल गेहूँ के दाम नियंत्रित हो पाये है। जबकि चावल, दाल और अन्य खाद्य- सामग्रियों के मूल्य अप्रत्याशित रूप से बढ़े है।
गत् वर्ष से सप्ताहिक तुलना करने पर यह पता चलता है कि सब्जियों के दामों में 14.88 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। जबकि आलू 9.34 फीसदी और प्याज10.58 फीसदी महंगी हुई है। अन्य खाद्य- वस्तुओं में फलों के मूल्यों में11.72 फीसदी,दूध
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