शुक्रवार, 31 जुलाई 2015

नेशनल कैरियर सर्विस पोर्टल : यहां पूरी होगी नौकरी की तलाश

रो जगार महज व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि किसी देश की आर्थिक समृद्धि से जुड़ा हुआ शब्द है. रोजगार
मानव संसाधन की गुणवत्ता को आगे बढ़ाने की ऐसी प्रक्रिया है जो कौशल, क्षमता और व्यक्तिगत गुणों पर निर्भर करती है. व्यवसाय के संदर्भ में कौशल एक बड़ा मानक है. कौशल की कमी के कारण दुनियाभर के कई देश व्यावसायिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. रोजगार और विकास से संबंधित दुनियाभर से प्रकाशित होनेवाली विभिन्न रिपोर्टों पर गौर  करें, तो हम देखते हैं कि तकनीकी या विशेष कौशल की कमी न
केवल व्यवसाय की उत्पादकता पर असर डालती है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों को और भी विकराल बना देती है. वैश्विक प्रतिभा सूचकांक-2015 के आंकड़े बताते हैं कि दुनियाभर में 10 में से चार व्यवसायों को कुशल
कर्मचारी के चयन की समस्या से जूझना पड़ता है. भारत में भी लगभग तीन चौथाई व्यवसायों को इन
समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है.
रोजगार के दूसरे पहलू को देखें, तो सक्षम और कौशल हासिल करने के बावजूद युवाओं को नौकरी खोजने और सही कैरियर के चयन करने जैसी समस्याओं से निपटना होता है. सही समय पर सही कैरियर को लेकर असमंजस की स्थिति भारतीय युवाओं में बेहद आम है. बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की रिपोर्ट बताती है कि अगले पांच वर्षों में देश की 60 फीसदी आबादी की आयु 15 वर्ष से 59 वर्ष के बीच होगी, जिसके लिए रोजगार मुहैया कराने की चुनौती काफी बड़ी होगी.
बहरहाल, इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार की सूचना देने, कौशल विकास और काउंसलिंग जैसी सुविधा देने के मकसद से नेशनल कैरियर सर्विस पोर्टल की शुरुआत की गयी है.
जानें एनसीएस पोर्टल के बारे में  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन के दौरान
नेशनल कैरियर सर्विस पोर्टल की शुरुआत की. इस पोर्टल की शुरुआत के पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य नौकरी ढूंढनेवालों और नौकरी देनेवालों को एक विश्वसनीय प्लेटफॉर्म पर लाना है. इस पोर्टल का इस्तेमाल कैरियर काउंसलिंग के लिए भी किया जा सकता है. अलग-अलग क्षेत्रों में कैरियर की तलाश कर रहे युवा यहां सरकारी और गैर-सरकारी कंपनियों द्वारा निकलनेवाली रिक्तियों के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे. इस पोर्टल पर
नौकरी के लिए युवा और नियोक्ता दोनों ही नि:शुल्क पंजीकरण करा सकते हैं. श्रम मंत्रालय ने गलत इस्तेमाल से बचने के लिए पंजीकरण के लिए आधार नंबर की अनिवार्यता लागू कर दी है. वहीं कंपनी या संस्था को
सोसाइटी रजिस्ट्रेशन या कंपनी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेशन की जानकारी देनी होगी.                               नेशनल कैरियर सर्विस पोर्टल के लाभ                                                                                              विशेषज्ञों के मुताबिक, इस जॉब बोर्ड पर सरकार की तीन प्रमुख योजनाओं  म् ा े क  - इ न् ा - इ ं  िड  य् ा ा , डिजिटल इंडिया और स्किल इंडिया द्वारा नौकरीतलाशनेवालों और नौकरी देनेवालों दोनों को मदद मिल सकती है. सरकार की इस योजना में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की भूमिका अहम होगी. इस पोर्टल पर युवा 53 से अधिक सेक्टरों में उपलब्ध 3,000 से अधिक व्यवसायों की जानकारी हासिल कर सकते हैं. इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सेवाओं का लाभ कैरियर सेंटरों, कॉमन सर्विस सेंटरों, मोबाइल डिवाइसेस, साइबर कैफे आदि माध्यमों से लिया जा सकता है. इसके अलावा
विभिन्न भाषाओं में जानकारी के लिए हेल्प डेस्क की व्यवस्था भी की गयी है, जहां 1800-425-1514 नंबर पर मंगलवार से रविवार के बीच जानकारियां हासिल की जा सकती हैं. इससे पहले रोजगार चाहनेवालों को सुविधा प्रदान करने के लिए देश में अलग-अलग स्थानों पर रोजगार कार्यालयों की स्थापना भी की गयी थी. यहां रोजगार की तलाश करनेवाले युवाओं को पंजीकरण कराना होता है. रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत
युवाओं की संख्या लगभग साढ़े चार करोड़ के आस-पास है. फिलहाल सरकार का मकसद रोजगार कार्यालयों
में पंजीकृत दो करोड़ों लोगों, नौ लाख संस्थाओं और अन्य कंपनियों को इस पोर्टल पर लाना है.
इस पोर्टल पर युवा नौकरी तलाशने के साथ-साथ रोजगार और कैरियर से जुड़ी जानकारी के लिए सर्टिफाइड
काउंसलरों और मनोवैज्ञानिकों की भी मदद ले सकते हैं. इस पोर्टल पर फ्रेशर युवाओं के अलावा वेतनभोगी कर्मचारी, कुशल-अकुशल कर्मचारियों के लिए भी अलग-अलग क्षेत्रों में जॉब की सूचना उपलब्ध होगी.
भारत में रोजगार और इससे जुड़ी योजनाएं                                                                                           वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बाजार में भारत और चीन सर्वाधिक संभावनाओं भरे देश हैं. इन देशों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथसाथ्ा  प्रशिक्षित कर्मचारियों को तैयार करने की सबसे बड़ी चुनौती है. अर्थव्यवस्था के विकास के लिए भारत जैसे देशों में प्रशिक्षित कामगारों में जरूरत लगातार बढ़ रही है. मिंट में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 1999 से 2004 के बीच 59.9 मिलियन जॉब और यूपीए के दोनों कार्यकालों में कुल मिला कर 15 मिलियन जॉब पैदा हुर्इं. हालांकि, माना जा रहा है कि विदेशी कंपनियों के निवेश से आने वालेवर्षों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. वहीं दूसरे पहलू को देखें, तो वैश्विक प्रतिभा सूचकांक-2015 भारत को 35वें स्थान पर रखता है यानी कर्मचारियों की कार्यकुशलता के मामले में देश की हालत खराब है. इस समस्या से निपटने के लिए देश को अभी लंबी दूरी तय करनी है. इस क्षेत्र में केंद्र सरकार का प्रयास उम्मीदें जगाता है. हाल ही में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की शुरुआत की गयी है. इस योजना के तहत 1,500 करोड़ रुपये की लागत से अगले एक वर्ष में 24 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया जायेगा. केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा भी कौशल उद्यमिता विकास के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं.    

































 ये हैं विधाएं एनसीएस पोर्टल पर   
- सभी पंजीकरण आधार
नंबर के अनुसार होंगे, जिससे
युवाओं को नेशनल
पोर्टेबिलिटी की
सुविधा मिलेगी.
त्र इस पोर्टल पर दो
करोड़ से अधिक
नौकरी चाहनेवालों का
रजिस्ट्रेशन हो चुका है, जो
आधार नंबर के माध्यम से
अपने खाते को एक्टिवेट कर
सकते हैं.
- लेबर आइडेंटिफिकेशन नंबर
रखनेवाली नौ लाख से अधिक
संस्थाएं एनसीएस पोर्टल पर हैं,
जो नौकरियों के लिए विज्ञापन
प्रकाशित कर सकती हैं.
- कुल 978 रोजगार कार्यालयों
को यूजर आइडी और पासवर्ड
दे दिया गया है, जो अपने
अकाउंट को एक्टिवेट कर
सकते हैं.
- 11 हजार से अधिक आइटीआइ
कोर्स और 12 हजार से अधिक
वीटीपी की सूचनाएं इस पोर्टल
पर उपलब्ध हैं.
- इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट
(आइटीआइ) से 14 लाख से
अधिक और वोकेशनल ट्रेनिंग
प्रोवाइडर के 11 लाख छात्रों
को एनसीएस से जोड़ा गया है,
जो एसएमएस के माध्यम से
अपने अकाउंट को एक्टिवेट
कर सकते हैं.
   एनसीएस पोर्टल की आगे तैयारी 
-सभी अभ्यर्थियों के अकादमिक रिकॉर्ड के
सत्यापन के लिए सीबीएसइ के डाटाबेस से
जोड़ा जायेगा.
- नियोक्ता के परीक्षण के लिए पैन/टीएएन
डाटाबेस को लिंक किया जायेगा.
- कैरियर सेंटर अधिकारियों की क्षमताओं
का विकास किया जायेगा.
- अभ्यर्थियों के लिए असेसमेंट टूल को
विकसित किया जायेगा.
- रिक्तियों को भरने और प्रशिक्षित करने के
उद्देश्य से इंडस्ट्री, इंडस्ट्री एसोसिएशन और
सरकारी विभागों को वर्कशॉप के माध्यम से
जोड़ा जायेगा. 

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