बुधवार, 28 सितंबर 2011

आधुनिक पत्रकारिता का नया अध्याय- विकीलीक्स


विकीलीक्स दबी चिनगारी का अचानक विस्फोट! सूचनाओं का पर्दाफाश करने का

पर्याय बन चुकी विकीलीक्स एक वेबसाइट, जो अब तक लगभग ढ़ाई लाख से ज्यादा  गोपनीय दस्तावेजों का पर्दाफाश कर चुकी है।

दुनिया के प्रभावशाली देश किस प्रकार स्वार्थों की पूर्ति हेतु दोहरा मापदण्ड अपनाते है, ये बातें अब गोपनीयता के दायरे से बाहर आ चुकी है।

Wikileaks.orgएक ऐसा संगठन है,जो गुप्त दस्तावेजों को सार्वजनिक करने के माध्यम का पर्याय बन चुका है।

वर्ष 2006 में अस्ट्रेलियन पत्रकार जुलियन आसांजे ने विकीलीक्स की आधार शिला

रखी। विकीलीक्स की सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि

स्थापना के एक वर्ष के अन्दर ही विकीलीक्स के डाटाबेस में 12 लाख से ज्यादा

गोपनीय दस्तावेज पहुँच चुके थे। 2007 में सार्वजनिक तौर यह दुनिया के सामने

आया। शुरू में विकीलीक्स के सलाहकार परिषद का खुद को सदस्य बताने वाले

आसांजे समाचार पत्रों के रहस्योदघाटन् के बाद विकीलीक्स के संस्थापक के रूप

में चिन्हित किये गये।

39 वर्षीय जुलियन आसांजे अस्ट्रेलिया के क्वींसलैँड  के रहने वाले , घुमक्कड़ प्रवृत्ति के इंसान और कम्प्यूटर विशेषज्ञ है। कई बार  हैकिंग के मामले में पकड़े

भी जा चुके है।पत्रकारिता के इतिहास में नये आयाम को परिभाषित करने वाले

आसांजे स्वर्णिम अक्षरों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहेंगे।

अपनी सुरक्षा मानदण्ड को लेकर पूरी दुनिया में विख्यात अमेरिका के दस्तावेजों का पर्दाफाश निश्चित तौर एक उपलब्धि है। अमेरिकी सुपर कम्प्यूटर में स्टोर खुफिया दस्तावेजों को तमाम सुरक्षा व्यवस्थाओं के बावजूद लीक कर देना बहुत

बड़े आश्चर्य का विषय है। बहरहाल, इंटरनेट की दुनिया में विकीलीक्स एक नये

अध्याय के साथ शामिल हो चुका है।

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