बुधवार, 28 सितंबर 2011

भारत में विदेशी पर्यटकों की रुझान बढ़ी............


अतुल्य भारत! यह एक सर्वमान्य सत्य है।सांस्कृतिक विभिन्नता वाला भारत देश सदैव से विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है।
लेकिन गत् वर्षों में अपेक्षाकृत रुझान बढ़ी है। लगातार भारत के बढ़ते सामाजिक,

आर्थिक वर्चस्व को अब वैश्विक स्तर पर स्वीकार किया जाने लगा है ।

पर्यटन उद्योग लगातार फल-फूल रहा है।स्मारक स्थलों के साथ-साथ प्राकृतिक सौन्दर्य,सांस्कृतिक  विविधता विदेशी पर्यटकों को लगातार आकर्षित कर रही है, अगर आंकड़ों पर  गौर करें तो तस्वीर और साफ नजर आने लगती है ।पर्यटन मंत्रालय द्वारा जुलाई 2011 में जारी आंकड़ों के अनुसार विदेशी पर्यटकों की

संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट में यह दर्शाया गया कि वर्ष 2010 में विदेशी पर्यटकों की संख्या कुल 179 लाख थी, जबकि 2009 में पर्यटकों की संख्या 144 लाख थी। अर्थात् कुल मिलाकर विदेशी पर्यटकों संख्या में 24.2 प्रति-शत् की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।इससे पहले 2009 में पर्यटकों की संख्या मेंमामूली 0.1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई थी।

सबसे ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित करने वाला राज्य महाराष्ट्र रहा, जहाँ पर 51 लाख विदेशी पर्यटकों ने यात्रा की, वही तमिलनाडु में आने वाले पर्यटकों की संख्या28 लाख और दिल्ली में आने वाले पर्यटकों की संख्या 19 लाख रही।

2010 के दौरान इन राज्यों के अलावा अन्य राज्य उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पं. बंगाल,केरल, बिहार, हिमाचल प्रदेश, गोवा भी विदेशी पर्यटकों के केन्द्र बने रहे। इन राज्यों का विदेशी पर्यटन को आकर्षित करने में90.3 प्रतिशत का योगदान रहा।

विदेशी पर्यटन के साथ-साथ स्वदेशी पर्यटन का दायरा बढ़ा। घरेलू पर्यटकों की संख्या7.40 करोड़ दर्ज की गई,आन्ध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश घरेलू पर्यटकों को अपने ओर खीचनें में ज्यादा कामयाब रहे।इससे स्पष्ट है कि पर्यटन क्षेत्र का दायरादिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है।

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