समसामयिक, राजनीति, साहित्य, फ़िल्म और हाँ स्वान्तः सुखाय के लिए..... कुछ भी
शनिवार, 3 सितंबर 2011
meri abhivyakti: मूरख और होशियार
meri abhivyakti: मूरख और होशियार: मूरख और होशिय़ार में , बस इतना है भेद, मूरख करता काम अनेक, फिर प्रकट करता है खेद................ होशियारों का यह खेल, करते सबसे मेल, लेते वे ...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें